जम्मू कश्मीर के बडगाम में भारतीय वायुसेना का लड़ाकू विमान मिग क्रैश हो गया है. इस हादसे में दो पायलटों की मौत हो गई है. वहीं पाकिस्तान की सेना दूसरी ओर दावा कर रही है कि पाकिस्तान ने दो भारतीय विमानों को मार गिराया है.
पाक सेना का दावा है कि उसने दो पायलट को जिंदा पकड़ा है. हालांकि भारत की ओर से इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है. एक विमान बडगाम में गिरा है, जबकि दूसरा विमान पाकिस्तानी सीमा में गिरा है. इस बीच लेह, जम्मू, श्रीनगर और पठानकोट में एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट जारी किया है. सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं.
वहीं पाकिस्तान ने हवाई सीमा का उल्लंघन किया है. पाकिस्तान के 3 एफ-16 जेट राजौरी के नौशेरा सेक्टर के बींबर गली में दाखिल हुए और रॉकेट गिराए हैं.नादियां, लाभ, खेरी और हमीरपुर में पाकिस्तान ने रॉकेट गिराए हैं. वहीं भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है. भारत ने पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया है.भारत ने लाम वैली में पाकिस्तान के इस लड़ाकू विमान को मार गिराया है.
भारतीय सीमा में घुसे पाकिस्तान के F16 विमान को भारत ने मार गिराया है. यह विमान नौशेरा से तीन किलोमीटर दूर पाकिस्तान की ओर लाम घाटी में गिरा. बताया जा रहा है कि भारतीय वायु सेना के सुखोई 30MKi विमान ने F16 का पीछा कर उसे मार गिराया. पाकिस्तानी जेट का पायलट विमान क्रैश होने के बाद पैराशूट से कूदता नजर आया. पाकिस्तानी विमान के घुसपैठ करते हुए विमान का वीडियो भी सामने आया है.
बता दें कि पाकिस्तान के बालाकोट पर कार्रवाई के बाद भारत के F16 विमान ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की थी. भारत में घुसपैठ करते हुए एक F16 विमान का एक वीडियो भी सामने आया है. इस वीडियो में F16 विमान भारतीय सीमा में उड़ान भरते हुए नजर आ रहे हैं.
यात्री विमानों की उड़ानें कैंसिल...
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बाद जम्मू, श्रीनगर, लेह, अमृतसर, चंडीगढ़, देहरादून और धर्मशाला में यात्री विमानों की उड़ानें कैंसिल कर दी गई है. अगले आदेश तक विमानों को उड़ने से रोका गया है. इसके अलावा भारत गुजरने वाले सभी इंटरनेशनल उड़ानों के को रोक दिया गया है और कई विमानों के रूट बदल दिए गए हैं.
कुलभूषण जाधव केस में भारत को बड़ी सफलता मिली है. अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने आखिरी आदेश तक जाधव की फांसी पर रोक लगाने का फैसला सुनाया. कोर्ट के इस फैसले से पाकिस्तान को करारा झटका लगा है. वहीं भारत में इस फैसले के बाद खुशी की लहर है. सरकार से लेकर विपक्षी दलों ने कोर्ट के इस फैसले पर खुशी जाहिर की है.
सुषमा स्वराज ने किया फैसले का स्वागत
इंटरनेशनल कोर्ट का फैसला भारत के पक्ष में आने के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर खुशी जताई. सुषमा ने अपने ट्वीट में लिखा, 'इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस का फैसला कुलभूषण जाधव के परिवार और भारत के लोगों के लिए बड़ी राहत देने वाला है.' सुषमा ने जाधव पर आईसीजे का फैसला आने के बाद कई ट्वीट किए और वकीलों की टीम को बधाई भी दी.
पीएम मोदी ने की सुषमा स्वराज से बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कोर्ट के फैसले पर संतुष्टि जाहिर की. सूत्रों के मुताबिक फैसला आने के बाद पीएम मोदी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बातचीत की और आईसीजे के फैसले का स्वागत किया. साथ ही पीएम मोदी ने इंटरनेशनल कोर्ट में भारत का पक्ष रख रहे मशहूर वकील हरीश साल्वे और उनकी टीम की भी तारीफ की.
वहीं सरकार के मंत्रियों से लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने आईसीजे के फैसले का स्वागत किया. केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने ट्वीट कर इस फैसले को भारत की बड़ी जीत बताया. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'कुलभूषण जाधव केस में भारत की बड़ी जीत. आईसीजे ने फांसी पर रोक लगाई, भारत को राजनयिक मदद देने का अधिकार दिया.'
कांग्रेस ने किया स्वागत
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने जाधव की फांसी पर रोक के फैसले का स्वागत किया. पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, 'कुलभूषण जाधव पर ICJ का आदेश राहत देने वाला है. जाधव को सुरक्षित वापस लाने के लिए भारत सरकार को हर फोरम पर कोशिश करनी चाहिए.'
Wednesday, February 27, 2019
Wednesday, February 20, 2019
पुलवामा CRPF हमला: नरेंद्र मोदी और सऊदी प्रिंस ने 'आतंकवाद' पर क्या बोला
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान दो दिवसीय दौरे पर भारत आए. एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पहुँचकर उनका स्वागत किया.
क्राउन प्रिंस भारत से ठीक पहले पाकिस्तान गए थे और वहाँ दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर के समझौते हुए.
क्राउन प्रिंस की अगुवाई में सऊदी प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की और इसके बाद साझा बयान जारी किया.
दिल्ली के हैदराबाद हाउस में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा कि क्राउन प्रिंस के भारत के इस पहले राजकीय दौरे में कई अहम समझौते हुए हैं. इस दौरान दोनों नेताओं ने आतंकवाद की समस्या का भी ज़िक्र किया.
पुलवामा में हुआ बर्बर आतंकवादी हमला इस मानवताविरोधी ख़तरे से दुनिया पर छाये क़हर की एक और क्रूर निशानी है. इस ख़तरे से प्रभावशाली ढंग से निपटने के लिए हम इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद को किसी भी तरह का समर्थन दे रहे देशों पर सभी संभव दबाव बढ़ाने की आवश्यकता है.
आतंकवाद का इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट करना और इसका समर्थन समाप्त करना और आतंकवादियों और उनके समर्थकों को सज़ा दिलाना बेहद ज़रूरी है.
साथ ही अतिवाद के ख़िलाफ़ सहयोग और इसके लिए एक मज़बूत कार्ययोजना की भी ज़रूरत है ताकि हिंसा और आतंकी ताक़तें हमारे युवाओं को गुमराह न कर सकें. मुझे ख़ुशी है कि सऊदी अरब और भारत इस बारे में साझा विचार रखते हैं.
क्या बोले क्राउन प्रिंस?
भारत और सऊदी अरब के रिश्ते ख़ून में शामिल हैं. हमारे पास अभी बहुत से अवसर हैं और साझा हित हैं चाहे ऊर्जा क्षेत्र हो या पर्यटन, संस्कृति हो या बुनियादी क्षेत्र.
हम एक रणनीति बना सकते हैं और साझा योजना बना सकते हैं. 2016 के नरेंद्र मोदी के सऊदी अरब दौरे के बाद हमारे संबंधों में तरक्की हुई है. लगभग 44 अरब डॉलर का निवेश हुआ है.
भारत आईटी सेक्टर में बेहद मजबूत हुआ है और हमें भी सऊदी अरब में इसका लाभ मिला है. भारत में 100 अरब से ज़्यादा निवेश के अवसर हैं.
अतिवाद और आतंकवाद दोनों देशों के लिए चिंता की बात है कि हम भारत को बताना चाहते हैं तो हम आपके साथ हर तरह का सहयोग करेंगे चाहे वो खुफ़िया सूचनाओं को साझा करना हो या कुछ और.
सबके साथ मिलकर काम करेंगे जो आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य बनाने के लिए होगा.
इस बीच, कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने सऊदी प्रिंस और प्रधानमंत्री मोदी के गले लगाने की नीति को 'हगप्लोमेसी' कहा. सऊदी अरब की पाकिस्तान को 20 बिलियन डॉलर की मदद करने और आतंकवाद की नीति पर पीठ थपथपाने को लेकर सवाल खड़ा किया है.
अगले ही ट्वीट में लिखा " क्या प्रधानमंत्री मोदी में हिम्मत है कि वो सऊदी अरब को पाकिस्तान के साथ जारी किए गए ज्वाइंट स्टेटमेंट को वापस लेने की मांग करें
क्राउन प्रिंस भारत से ठीक पहले पाकिस्तान गए थे और वहाँ दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर के समझौते हुए.
क्राउन प्रिंस की अगुवाई में सऊदी प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की और इसके बाद साझा बयान जारी किया.
दिल्ली के हैदराबाद हाउस में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा कि क्राउन प्रिंस के भारत के इस पहले राजकीय दौरे में कई अहम समझौते हुए हैं. इस दौरान दोनों नेताओं ने आतंकवाद की समस्या का भी ज़िक्र किया.
पुलवामा में हुआ बर्बर आतंकवादी हमला इस मानवताविरोधी ख़तरे से दुनिया पर छाये क़हर की एक और क्रूर निशानी है. इस ख़तरे से प्रभावशाली ढंग से निपटने के लिए हम इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद को किसी भी तरह का समर्थन दे रहे देशों पर सभी संभव दबाव बढ़ाने की आवश्यकता है.
आतंकवाद का इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट करना और इसका समर्थन समाप्त करना और आतंकवादियों और उनके समर्थकों को सज़ा दिलाना बेहद ज़रूरी है.
साथ ही अतिवाद के ख़िलाफ़ सहयोग और इसके लिए एक मज़बूत कार्ययोजना की भी ज़रूरत है ताकि हिंसा और आतंकी ताक़तें हमारे युवाओं को गुमराह न कर सकें. मुझे ख़ुशी है कि सऊदी अरब और भारत इस बारे में साझा विचार रखते हैं.
क्या बोले क्राउन प्रिंस?
भारत और सऊदी अरब के रिश्ते ख़ून में शामिल हैं. हमारे पास अभी बहुत से अवसर हैं और साझा हित हैं चाहे ऊर्जा क्षेत्र हो या पर्यटन, संस्कृति हो या बुनियादी क्षेत्र.
हम एक रणनीति बना सकते हैं और साझा योजना बना सकते हैं. 2016 के नरेंद्र मोदी के सऊदी अरब दौरे के बाद हमारे संबंधों में तरक्की हुई है. लगभग 44 अरब डॉलर का निवेश हुआ है.
भारत आईटी सेक्टर में बेहद मजबूत हुआ है और हमें भी सऊदी अरब में इसका लाभ मिला है. भारत में 100 अरब से ज़्यादा निवेश के अवसर हैं.
अतिवाद और आतंकवाद दोनों देशों के लिए चिंता की बात है कि हम भारत को बताना चाहते हैं तो हम आपके साथ हर तरह का सहयोग करेंगे चाहे वो खुफ़िया सूचनाओं को साझा करना हो या कुछ और.
सबके साथ मिलकर काम करेंगे जो आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य बनाने के लिए होगा.
इस बीच, कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने सऊदी प्रिंस और प्रधानमंत्री मोदी के गले लगाने की नीति को 'हगप्लोमेसी' कहा. सऊदी अरब की पाकिस्तान को 20 बिलियन डॉलर की मदद करने और आतंकवाद की नीति पर पीठ थपथपाने को लेकर सवाल खड़ा किया है.
अगले ही ट्वीट में लिखा " क्या प्रधानमंत्री मोदी में हिम्मत है कि वो सऊदी अरब को पाकिस्तान के साथ जारी किए गए ज्वाइंट स्टेटमेंट को वापस लेने की मांग करें
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